अव्ययीभाव
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अव्ययीभाव या प्रकारच्या समासात पूर्वपद हे अव्ययच असते व त्यालाच अधिक महत्व असते. याचे आणखी एक वैशिष्ट्य म्हणजे अव्ययीभाव समास नेहमी नपुंसकलिंगी व एकवचनी असतो. संपूर्ण सामासिक शब्दच एक अव्यय असल्याप्रमाणे धरले जाते. या समासाचा विग्रह करताना समासात नसलेल्या पदाची मदत घेतली जाते. म्हणून याला `अस्वपद विग्रह' असेही म्हणतात. अव्ययाच्या समान अर्थाचा दुसरा शब्द घेऊन समासाचा विग्रह केला जातो. उदा. उपनगरम् - नगरस्य समीपम् येथे `उप' या अव्ययाच्या समानार्थी `समीपम्' याचा वापर विग्रह करताना केलेला आहे. अव्ययीभावाची अनेक उदाहरणे सामासिक शब्द व विग्रह या पध्दतीने सोडवून दाखविली आहेत. या प्रकारचे समास व त्यांचा विग्रह हे केवळ पुन्हा पुन्हा वाचल्याने लक्षात राहतात. त्यासाठी समासाचे नियम वगैरे पाठ करावे लागत नाहीत. |
| प्रतिवर्षम् | वर्षे वर्षे । |
| प्रतिमासम् | मासे मासे । |
| प्रतिदिनम् | दिने दिने । |
| प्रत्यहम् | अहनि अहनि । |
| यावज्जीवनम् | यावत् जीव: विद्यते तावत् । |
| आसमुद्रम् | समद्रात् आ । |
| प्रत्क्षम् | अक्ष्णो: प्रति । |
| समक्षम् | अक्ष्णो: समीपे । |
| पराक्षम् | अक्ष्णो: परम् । |
| प्रतिसंवत्सरम् | संवत्सरे संवत्सरे । |
| अभिमुखम् | मुखस्य समीपे । |
| अनुरूपम् | रूपस्य योग्यम् । |
| अध्यात्मम् | आत्मनि इति । |
| यथाक्रमम् | क्रमम् अनुसृत्य / क्रमम् अनतिक्रम्य । |
| यथामति | मतिम्अनुसृत्य / मतिम् अनतिक्रम्य । |
| यथाकालम् | कालम् अनुसृत्य / कालम् अनतिक्रम्य । |
| यथाशक्ति | शक्तिम् अनुसृत्य /शक्तिम् अनतिक्रम्य । |
| यथागुणम् | गुणान् अनुसृत्य / गुणान् अनतिक्रम्य । |
| उपनगरम् | नगरस्य समीपम् । |
| उपकृष्णम् | कृष्णस्य समीपम् । |
| उपवृक्षम् | वृक्षस्य समीपम् । |
| अनुदिनम् | दिने दिने । |
| अनुपर्वतम् | पर्वते पर्वते । |
| प्रतिपर्वतम् | पर्वते पर्वते । |
| आजन्म | जन्मन: आ । |
| अनवरतम् | न अवरतम् यस्मिन् कर्मणि यथा स्यात् तथा । |
| नि:शङ्कम् | निर्गता शङ्का यस्मिन् कर्मणि यथा स्यात् तथा । |
| सत्वरम् | त्वरया सह यथा स्यात् तथा । |
| सप्रश्रयम् | प्रश्रयेण सह यथा स्यात् तथा । |
| सहर्षम् | हर्षेण सह यथा स्यात् तथा । |
| सादरम् | आदरेण सह यथा स्यात् तथा । |
| सोत्प्रासम् | उत्प्रासेन सह यथा स्यात् तथा । |
| सोपहासम् | उपहासेन सह यथा स्यात् तथा । |
| नैकवारम् | न एक: वार: यस्मिन् कर्मणि यथा स्यात् तथा । |
| प्रत्येकम् | एक: एक: यस्मिन् कर्मणि यथा स्यात् तथा । |
